Saturday, 5 July 2014

ये  गगन ,पर्वतों के  ये ,
... उन्नत   शिखर ,
ये  हरी  भरी  वादियाँ  !
... हिमाचल  की  शान  हैं ,
देश  का ये  मान  हैं  !
...कवि का अभिमान  हैं ,
ग़ज़ल  भी  कूदती ,
... मुझे    यहाँ नज़र  आई,
सारी  कायनात  को,
... मैंने  नजदीक  पाई !
ये  लहर, संगेमरमर  जैसे,
... गई  हो बिखर !
हिमाचल  की  शान  हैं ,
.. 'फलक' का ये  गान  हैं  !
-कृष्णकांत 'फलक'

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