मैं शिक्षक हूँ !
करता हूँ नवनिर्माण ,मैं शिक्षक हूँ !
देश का हूँ अभिमान, मैं शिक्षक हूँ !
यहाँ सजाता मैं,बच्चों की फुलवारी,
बागबान बनने की मेरी है तैयारी।
माँ शारदा का वरदान, मैं शिक्षक हूँ !
देश का हूँ अभिमान मैं शिक्षक हूँ !
शिक्षा मेरा बल, ज्ञान का उद्वीपक ,
निरंतर फैलते प्रकाशका मैं दीपक।
अटल मेरा सम्मान, मैं शिक्षक हूँ !
देश का हूँ अभिमान, मैं शिक्षक हूँ !
परशुराम-विश्वामित्र का ,मैं वंशज ,
जलकमलवत रहूँ , हूँ मैं पंकज।
झेल लेता हूँ तूफ़ान, मैं शिक्षक हूँ !
देश का हूँ अभिमान, मैं शिक्षक हूँ !
छात्र मेरी साधना,विद्या मेरा तप,
पाठशाला मेरी माला, वर्ण मेरे जप।
मेरे वश में विज्ञान , मैं शिक्षक हूँ !
देश का हूँ अभिमान, मैं शिक्षक हूँ !
***
-कृष्णकांत 'भाटिया 'कान्त '
करता हूँ नवनिर्माण ,मैं शिक्षक हूँ !
देश का हूँ अभिमान, मैं शिक्षक हूँ !
यहाँ सजाता मैं,बच्चों की फुलवारी,
बागबान बनने की मेरी है तैयारी।
माँ शारदा का वरदान, मैं शिक्षक हूँ !
देश का हूँ अभिमान मैं शिक्षक हूँ !
शिक्षा मेरा बल, ज्ञान का उद्वीपक ,
निरंतर फैलते प्रकाशका मैं दीपक।
अटल मेरा सम्मान, मैं शिक्षक हूँ !
देश का हूँ अभिमान, मैं शिक्षक हूँ !
परशुराम-विश्वामित्र का ,मैं वंशज ,
जलकमलवत रहूँ , हूँ मैं पंकज।
झेल लेता हूँ तूफ़ान, मैं शिक्षक हूँ !
देश का हूँ अभिमान, मैं शिक्षक हूँ !
छात्र मेरी साधना,विद्या मेरा तप,
पाठशाला मेरी माला, वर्ण मेरे जप।
मेरे वश में विज्ञान , मैं शिक्षक हूँ !
देश का हूँ अभिमान, मैं शिक्षक हूँ !
***
-कृष्णकांत 'भाटिया 'कान्त '
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