Saturday, 25 January 2020

गीत   !

भारत माता    के   चरणों  में  पहले    मैं  प्रणाम  लिखूँ !
सोने  की  चिड़िया  पे  फिर  मैं  मीठे मीठे  गान  लिखूँ  !

हुआ  सवेरा  जागा  भारत,  सागर  माँ   के पाँव  पखारे,
वंदे  मातरम -वंदे   मातरम   गीत  मधुर   वो ललकारे। 

सारे  जहाँ  में  शांति -अमन का ,बापू का पैगाम  लिखूँ  !
सोने  की  चिड़िया  पे  फिर  मैं  मीठे-मीठे  गान  लिखूँ  !

पूरव -पश्चिम -उत्तर -दक्षिण ,जाग  रहा है मेरा भारत,
सत्य -मेव-जयते   की   गूँज ,माँग  रहा  है  मेरा भारत। 

शहीद  भगतसिंह  के  गले के  रस्सी के निशान  लिखूँ  !
सोने  की  चिड़िया  पे  फिर  मैं   मीठे  मीठे गान लिखूँ  !

नया  उजाला -नई  दिशाएँ ,आओ  देश को  हम सँवारें ,
प्रेम की भाषा -बहतर आशा-गिरायें नफरत की दीवारें। 

नरेंद्र की    कल्पना  का   मैं  नया    हिंदुस्तान  लिखूँ !
सोने  की  चिड़िया  पे  फिर  मैं  मीठे मीठे गान लिखूँ  !
                                   ***
-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '

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