Wednesday, 11 December 2013

चाचीने चाचा से कहा,'अजी सुनते हो जी,
देखो रोशनदान पर बैठे कबूतर-कबूतरी 
कैसे प्यार  कर  रहे  हैं !और एक आप हैं जो 
सुबह  से अख़बार पढ़ रहे ह'भाग्यवान !जरा 
आँखें खोल और देख कबूतर पुराना है कबूतरी  नई है '!                                                                                                                       

1 comment:

  1. इंसान बहु-बेटियों के साथ ऐसा व्यहार क्यों करता है?
    जिसे देख सुनकर जंगली जानवर भी बहोत डरता है।
    सिसकियाँ मेरी थमी नहीं बेटी तेरी यह कहानी सुनके,
    आँसु मेरे रुके नहीं बेटी तेरी दर्द भरी जबानी सुनके।
    मैं भी इंसान हुँ, बेटी का बाप, बहु का ससुर बहन का भाई,
    औरत के पेट से जन्म लेने वाला कैसे हेवान बनता है?

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