इंसान बहु-बेटियों के साथ ऐसा व्यहार क्यों करता है? जिसे देख सुनकर जंगली जानवर भी बहोत डरता है। सिसकियाँ मेरी थमी नहीं बेटी तेरी यह कहानी सुनके, आँसु मेरे रुके नहीं बेटी तेरी दर्द भरी जबानी सुनके। मैं भी इंसान हुँ, बेटी का बाप, बहु का ससुर बहन का भाई, औरत के पेट से जन्म लेने वाला कैसे हेवान बनता है?
इंसान बहु-बेटियों के साथ ऐसा व्यहार क्यों करता है?
ReplyDeleteजिसे देख सुनकर जंगली जानवर भी बहोत डरता है।
सिसकियाँ मेरी थमी नहीं बेटी तेरी यह कहानी सुनके,
आँसु मेरे रुके नहीं बेटी तेरी दर्द भरी जबानी सुनके।
मैं भी इंसान हुँ, बेटी का बाप, बहु का ससुर बहन का भाई,
औरत के पेट से जन्म लेने वाला कैसे हेवान बनता है?