Monday, 15 April 2019

सरकार  !

चलो, एक नई  सरकार बनाएँ ,
मोदीजी को  गद्दी  पर बिठाएँ। 

स्वप्नद्रष्टा -विकास पुरुष  ये,
राष्ट्रप्रेम   का    है   मतवाला। 
जीता  है   सिर्फ  देश  के लिए ,
भले कोई कहे  है ये चायवाला। 

इनके  पथ  पर  फूल  बिछाएँ ,
मोदीजी  को  गद्दी पर बिठाएँ। 

संघर्ष  से  ये  नहीं  डरनेवाला,
डटकर  मुकाबला  करनेवाला। 
मिले   सफलता  या  मायूसी ,
है ये   शोलों  पर  चलनेवाला। 

चलो, कमल पर मुहर लगाएँ  ,
मोदीजी को गद्दी पर  बिठाएँ। 

पाँच  साल   में , बहुत  किया ,
पल -पल  देश के लिए जिया। 
दुनिया को  ताकत  दिखलाई ,
शत्रु को आक्रमक संदेश दिया। 

चलो,आज हम भी हाथ बटायें ,
मोदीजी  को  गद्दी पर बिठाएँ। 
                ***
-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '





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