Saturday, 25 January 2014

-------------------गीत ---------------------
भारत माता के चरणोंमे पहले  मैं प्रणाम लिखुँ ,
सोने की चिड़िया पर फिर मीठे मीठे गान लिखुँ। 

हुआ सवेरा जागा भारत सागर माँ के पाँव पखारे,
वंदे मातरम वंदे मातरम गान मधुर सब ललकारे। 

सर्व धर्म का रक्षक मेरा प्यारा हिंदुस्तान  लिखुँ ,
सोने की चिड़िया पर फिर मीठे मीठे गान लिखुँ। 

शहीदों की जानफसानी जीवन की दी थी क़ुरबानी, 
देश को आज़ादी दिलवाई लोगों को जीना सिखाया। 

मिट्टी-पानी-धूप-हवा में जन गण की आन लिखुँ ,
सोने की चिड़िया पर फिर मीठे मीठे गान लिखुँ। 

राष्ट्र कवि मेघाणी ने  गांधीजी को हिम्म्त दी थी,
आखिरी कटोरा विष का बापू पी जाना हँसते हँसते।

शहीद भगतसिंह के गले के फाँसी के निशान लिखुँ ,
सोने की चिड़िया पर फिर मीठे मीठे गान लिखुँ। 

हिन्दू-मुस्लिम-शिख -ईसाई आपसमें हैं भाई-भाई,
फिर ये कैसी खुद से  लड़ाई कैसे जियेंगे हम हरज़ाई। 

मंदिर-मस्जिद-गुरुद्वारे की  प्राथर्ना या आज़ान लिखुँ ,
सोने की चिड़िया पर फिर मीठे मीठे गान लिखुँ। 

मेरा भारत प्यारा भारत नेताओं से हारा भारत ,
देश की सड़कों पे चीखे माँ लुट जाती है हसमत उसकी। 

'फलक'भूख-गरीबी में से किसकी जय जय कार लिखुँ ,
सोने की चिड़िया पर फिर मैं मीठे मीठे गान लिखुँ !
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-कृष्णकांत भाटिया 'फलक'
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