जागरण की घड़ी !
जागरण की घड़ी का तू चमकता सितारा है,
देश के मीठे सपनों का, तू हसीन इशारा है।
विजय पथ का रास्ता तू खुद ही बनाता है,
जनता में एक नया जोश ,तू ही जगाता है।
बज रहा , विश्वास की जीत का नगारा है,
देश के मीठे सपनों का,तू हसीन इशारा है।
राजनेता-लोकनेता -भारतमाताकी धरोहर,
नरेंद्र- प्यासों की प्यास बुझानेवाला सरोवर,
गंगा-यमुना का तू बहता किनारा है ,
देश के मीठे सपनों का ,तू हसीन इशारा है।
भेट में क्या लाऊँ कोई चीज नहीं दिखती,
बस तेरी छवि ,सदा मेरी आँखों में बसती।
आज वंशपरंपरा को जनता ने नकारा है,
देश के मीठे सपनों का, तू हसीन इशारा है।
***
-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '
जागरण की घड़ी का तू चमकता सितारा है,
देश के मीठे सपनों का, तू हसीन इशारा है।
विजय पथ का रास्ता तू खुद ही बनाता है,
जनता में एक नया जोश ,तू ही जगाता है।
बज रहा , विश्वास की जीत का नगारा है,
देश के मीठे सपनों का,तू हसीन इशारा है।
राजनेता-लोकनेता -भारतमाताकी धरोहर,
नरेंद्र- प्यासों की प्यास बुझानेवाला सरोवर,
गंगा-यमुना का तू बहता किनारा है ,
देश के मीठे सपनों का ,तू हसीन इशारा है।
भेट में क्या लाऊँ कोई चीज नहीं दिखती,
बस तेरी छवि ,सदा मेरी आँखों में बसती।
आज वंशपरंपरा को जनता ने नकारा है,
देश के मीठे सपनों का, तू हसीन इशारा है।
***
-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '
No comments:
Post a Comment