मोदी -योगी !
मोदी !आप योगी हैँ , भारत वर्ष के ,
आपके कहने पर ,राष्ट्र खड़ा हो जाता है,
जीर्ण -क्षीर्ण शरीरों में नूतन संचार होता है।
और जनगणमन से एक ही आवाज़ उठती है
मोदी !मोदी ! मोदी ! मोदी !
इस आवाज़ की गूँज पूरी दुनिया सुनती है,
और कोरोना से सिसकते संसार में ,
आशा की एक नई किरण निकलती है.
शरद अपने मधुचंद्र से मिलता है ,
आपके चेहरे पर तेज़ निखरता है।
सवेरा हो या शाम ,आप सोचते हैं देश के बारे में,
आपकी निगाह गड़ी रहती है ध्रुव तारे में।
जब भी आहट होती है कोई विपदा की,
आप सामने खड़े हो जाते हैं ढाल बनकर।
खुद लड़ते हैं ,हमें लड़ने की प्रेरणा देते हैं।
कोरोना की काली घटाओं ने आज भारत को घेरा,
आपने कहा मत डरो -अपने अपने घरों में रहो
मैं नरेंद्र मोदी -तुम्हारा प्रधानमंत्री -विश्वास दिलाता हूँ
अगर हम -कुछ दिनों के लिए अपने आपको अकेला कर लें
तो...... कोरोना जरूर हारेगा -एक नई सुबह होगी
प्रारंभ होगा नए युग का -आपकी अगवानी में
हम नए भारत का निर्माण करेंगे -किसी से नहीं डरेंगे
क्यों की हमारा प्रधान मंत्री भोगी नहीं योगी है
फक्क्ड़ फकीर है- ध्यान मुद्रा में बैठा जोगी है।
मोदी ! आप योगी हैं भारतवर्ष के !
***
-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '
मोदी !आप योगी हैँ , भारत वर्ष के ,
आपके कहने पर ,राष्ट्र खड़ा हो जाता है,
जीर्ण -क्षीर्ण शरीरों में नूतन संचार होता है।
और जनगणमन से एक ही आवाज़ उठती है
मोदी !मोदी ! मोदी ! मोदी !
इस आवाज़ की गूँज पूरी दुनिया सुनती है,
और कोरोना से सिसकते संसार में ,
आशा की एक नई किरण निकलती है.
शरद अपने मधुचंद्र से मिलता है ,
आपके चेहरे पर तेज़ निखरता है।
सवेरा हो या शाम ,आप सोचते हैं देश के बारे में,
आपकी निगाह गड़ी रहती है ध्रुव तारे में।
जब भी आहट होती है कोई विपदा की,
आप सामने खड़े हो जाते हैं ढाल बनकर।
खुद लड़ते हैं ,हमें लड़ने की प्रेरणा देते हैं।
कोरोना की काली घटाओं ने आज भारत को घेरा,
आपने कहा मत डरो -अपने अपने घरों में रहो
मैं नरेंद्र मोदी -तुम्हारा प्रधानमंत्री -विश्वास दिलाता हूँ
अगर हम -कुछ दिनों के लिए अपने आपको अकेला कर लें
तो...... कोरोना जरूर हारेगा -एक नई सुबह होगी
प्रारंभ होगा नए युग का -आपकी अगवानी में
हम नए भारत का निर्माण करेंगे -किसी से नहीं डरेंगे
क्यों की हमारा प्रधान मंत्री भोगी नहीं योगी है
फक्क्ड़ फकीर है- ध्यान मुद्रा में बैठा जोगी है।
मोदी ! आप योगी हैं भारतवर्ष के !
***
-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '
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