माँ तसलीमात !
माँ तसलीमात !
तू भरी है मीठे पानी से ,
फल फूलों की शादाबी से।
दक्किन की ठंडी हवाओं से,
फ़सलों की सुहानी फ़िज़ाओं से।
तसलीमात माँ तसलीमात !
तेरी रातें रोशन चाँद से,
तेरी रोनक सब्ज़े -फाम से।
तेरी प्यार भरी मुस्कान है,
तेरी मीठी बहुत जबान है।
तेरी बाँहों में मेरी राहत है,
तेरे कदमों मेरी ज़न्नत है।
तसलीमात माँ तसलीमात !
***
-आरीफ महम्मदखान
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