अलविदा 2015 !
तेरी याद हमें सतायेगी 2015 !
बीतीं क्षण हमें रुलायेंगी 2015 !
खम-दम किये 365 दिन में,
गरिमा समाई हमारे मन में.
वो नई राह दिखलायेगी 2015 !
नया दीप वो ही जलायेगी 2015 !
तेरे साथ हमारा वक़्त गुज़रा ,
बहोत कुछ इन्हीं दिनों में सँवरा.
ये शक्ति हमें बचायेगी 2015 !
तेरी परछाईं सहलायेगी 2015 !
पराकाष्ठा है ये बीते समय की,
भाल पे लगाये तिलक मलय की.
अलविदा ,चिन्ह मिटायेगी 2015 !
'कान्त' को गुदगुदायेगी 2015 !
***
-'कान्त'
तेरी याद हमें सतायेगी 2015 !
बीतीं क्षण हमें रुलायेंगी 2015 !
खम-दम किये 365 दिन में,
गरिमा समाई हमारे मन में.
वो नई राह दिखलायेगी 2015 !
नया दीप वो ही जलायेगी 2015 !
तेरे साथ हमारा वक़्त गुज़रा ,
बहोत कुछ इन्हीं दिनों में सँवरा.
ये शक्ति हमें बचायेगी 2015 !
तेरी परछाईं सहलायेगी 2015 !
पराकाष्ठा है ये बीते समय की,
भाल पे लगाये तिलक मलय की.
अलविदा ,चिन्ह मिटायेगी 2015 !
'कान्त' को गुदगुदायेगी 2015 !
***
-'कान्त'
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