जागो
जागो दुनियावालो जागो ,
जागो ओ मतवालो जागो।
तुमने ही वृक्षों को काटा,
पैसों को आपस में बाँटा।
कायनात को किया घायल,
शूरवीर नहीं तुम हो कायर।
अपने गुनाहों से मत भागो,
जागो दुनियावालो जागो।
सूरज ओक रहा है गरमी ,
बचा नहीं शकेगी बेशरमी।
४५ क्या ५५ भी हो जाएगी,
तेरी दौलत काम आएगी ?
गलती की क्षमा तुम माँगो ,
जागो दुनियावालो जागो।
वृक्ष उगाओ, गरमी भगाओ,
चारों ओर हरियाली सजाओ।
एक नया संसार रचाओ,
आनेवाली पीढ़ी को बचाओ।
जागो आदम के वंशज जागो,
जागो ओ मतवालो जागो।
***
-'कान्त'
जागो दुनियावालो जागो ,
जागो ओ मतवालो जागो।
तुमने ही वृक्षों को काटा,
पैसों को आपस में बाँटा।
कायनात को किया घायल,
शूरवीर नहीं तुम हो कायर।
अपने गुनाहों से मत भागो,
जागो दुनियावालो जागो।
सूरज ओक रहा है गरमी ,
बचा नहीं शकेगी बेशरमी।
४५ क्या ५५ भी हो जाएगी,
तेरी दौलत काम आएगी ?
गलती की क्षमा तुम माँगो ,
जागो दुनियावालो जागो।
वृक्ष उगाओ, गरमी भगाओ,
चारों ओर हरियाली सजाओ।
एक नया संसार रचाओ,
आनेवाली पीढ़ी को बचाओ।
जागो आदम के वंशज जागो,
जागो ओ मतवालो जागो।
***
-'कान्त'
No comments:
Post a Comment