शहीदों को सलाम !
अय शहीदो तुम्हारी, दिलावरी को सलाम !
तुम्हारे जज़्बात , और इज़हार को सलाम !
चोले को रंग के तुमने बसंती कर दिया,
तुम्हारे ख़ूबरू , जिस्त -नजरिये को सलाम !
डाल दीं तुमने दिलों में ,आज़ादी की आँधी ,
तुम्हारी हिम्मत,अजमत ,बहादुरी को सलाम !
अंगड़ाई ले कर ,हँसते -हँसते फाँसी चढ़ गए,
तुम्हारी दीवानगी,मर्दानगी,ताकत को सलाम !
दिलबरी,नाज़ ,अंदाज़ बखूबी लुटाया वतन पे,
तुम्हारी बंदगी ,ज़िंदगी और जुर्रत को सलाम !
भारत माता को आज भी नाज़ है तुम पे,
करते रहेंगे हिंदुस्तानी , सनअत को सलाम !
***
-'कान्त '
अय शहीदो तुम्हारी, दिलावरी को सलाम !
तुम्हारे जज़्बात , और इज़हार को सलाम !
चोले को रंग के तुमने बसंती कर दिया,
तुम्हारे ख़ूबरू , जिस्त -नजरिये को सलाम !
डाल दीं तुमने दिलों में ,आज़ादी की आँधी ,
तुम्हारी हिम्मत,अजमत ,बहादुरी को सलाम !
अंगड़ाई ले कर ,हँसते -हँसते फाँसी चढ़ गए,
तुम्हारी दीवानगी,मर्दानगी,ताकत को सलाम !
दिलबरी,नाज़ ,अंदाज़ बखूबी लुटाया वतन पे,
तुम्हारी बंदगी ,ज़िंदगी और जुर्रत को सलाम !
भारत माता को आज भी नाज़ है तुम पे,
करते रहेंगे हिंदुस्तानी , सनअत को सलाम !
***
-'कान्त '
No comments:
Post a Comment