Tuesday, 29 April 2014

चलो  वोट  दें  !

चलो  वोट  दें ,ये  शपथ  लें ,
चलो  ये  अवसर, झपट  लें !

उन्नत भविष्य  की  धरोहर,
सच्चे मन से  चुनें  वोट    दें !

भेद  भावों  से  ऊपर  उठकर,
मेरा  क्या  ये  विचार  छोड़ दें !

प्रजातंत्र  हमारा विश्व में अनूठा,
इसे  सत्य  के  तराज़ू से तोल दें !

शान-बान -आन लगी  है दाव पर,
'फलक' आज सब दूरियाँ तोड़ दें !
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-कृष्णकांत भाटिया 'फलक'
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