चलो वोट दें !
चलो वोट दें ,ये शपथ लें ,
चलो ये अवसर, झपट लें !
उन्नत भविष्य की धरोहर,
सच्चे मन से चुनें वोट दें !
भेद भावों से ऊपर उठकर,
मेरा क्या ये विचार छोड़ दें !
प्रजातंत्र हमारा विश्व में अनूठा,
इसे सत्य के तराज़ू से तोल दें !
शान-बान -आन लगी है दाव पर,
'फलक' आज सब दूरियाँ तोड़ दें !
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-कृष्णकांत भाटिया 'फलक'
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चलो वोट दें ,ये शपथ लें ,
चलो ये अवसर, झपट लें !
उन्नत भविष्य की धरोहर,
सच्चे मन से चुनें वोट दें !
भेद भावों से ऊपर उठकर,
मेरा क्या ये विचार छोड़ दें !
प्रजातंत्र हमारा विश्व में अनूठा,
इसे सत्य के तराज़ू से तोल दें !
शान-बान -आन लगी है दाव पर,
'फलक' आज सब दूरियाँ तोड़ दें !
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-कृष्णकांत भाटिया 'फलक'
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