Friday, 12 May 2017

कमाल  है  !

ये  हेअर-डाई  का  देखो, कैसा कमाल  है !
जहाँ     देखो   बस     इसकी   धमाल  है !

बाल  रंग  के, बूढ़ा  भी  जवान लगता   है,
सफेद  बालों  में  ,काला  रंग मचलता  है। 

सास कौन और कौन बहू ?टेड़ा सवाल है !
जहाँ     देखो   बस   इसकी    धमाल   है !

मौसी कहे मौसा से,मैं भी कुछ कम नहीं ,
मुझे ताना देते हो ,तेरे चेहरे पे दम  नहीं। 

देखो,देख लो,कैसे निखरा मेरा जमाल है !
जहाँ     देखो    बस   इसकी    धमाल  है !

मेरी  पत्नी  मयके से  खत भिजवाती है,
खुद  डाई  करती है, मुझे भी उकसाती है.

सोच हमारी बन गई  कितनी कंगाल  है !
जहाँ   देखो   बस    इसकी    धमाल   है.
                        ***
-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '



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