कमाल है !
ये हेअर-डाई का देखो, कैसा कमाल है !
जहाँ देखो बस इसकी धमाल है !
बाल रंग के, बूढ़ा भी जवान लगता है,
सफेद बालों में ,काला रंग मचलता है।
सास कौन और कौन बहू ?टेड़ा सवाल है !
जहाँ देखो बस इसकी धमाल है !
मौसी कहे मौसा से,मैं भी कुछ कम नहीं ,
मुझे ताना देते हो ,तेरे चेहरे पे दम नहीं।
देखो,देख लो,कैसे निखरा मेरा जमाल है !
जहाँ देखो बस इसकी धमाल है !
मेरी पत्नी मयके से खत भिजवाती है,
खुद डाई करती है, मुझे भी उकसाती है.
सोच हमारी बन गई कितनी कंगाल है !
जहाँ देखो बस इसकी धमाल है.
***
-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '
ये हेअर-डाई का देखो, कैसा कमाल है !
जहाँ देखो बस इसकी धमाल है !
बाल रंग के, बूढ़ा भी जवान लगता है,
सफेद बालों में ,काला रंग मचलता है।
सास कौन और कौन बहू ?टेड़ा सवाल है !
जहाँ देखो बस इसकी धमाल है !
मौसी कहे मौसा से,मैं भी कुछ कम नहीं ,
मुझे ताना देते हो ,तेरे चेहरे पे दम नहीं।
देखो,देख लो,कैसे निखरा मेरा जमाल है !
जहाँ देखो बस इसकी धमाल है !
मेरी पत्नी मयके से खत भिजवाती है,
खुद डाई करती है, मुझे भी उकसाती है.
सोच हमारी बन गई कितनी कंगाल है !
जहाँ देखो बस इसकी धमाल है.
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-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '
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