अच्छे दिन ..... !
कब आएँगे अच्छे दिन ?
कब आम आदमी दाल-रोटी खायेगा ?
कोई मुझे ये बतलाये ,
और कितना समय बीत जायेगा ?
2014 में लोगों को अच्छे सपने
दिखलाये थे।
हमको गद्दी दे दो भैया कहकर
वोट मॉँगने आये थे।
दो साल में उलझ गया सब कुछ,
उसे कौन सुलझाएगा ?
कोई मुझे ये बतलाये ,
और कितना समय बीत जायेगा ?
टमाटर भाग गए कीचन से,
दाल भी अब कहाँ पकती है ?
पानी से उबले पतीली,
अब भूख भी कहाँ लगती है ?
दाम बढ़ गए जीने के,
उसे कौन घटाएगा ?
कोई मुझे ये बतलाये ,
और कितना समय बीत जायेगा ?
सोचा था अब आया है ,
छपन्न की छातीवाला।
अपनी माँ का सपूत,
भारत माँ का रखवाला।
रोज़ मर रहे हैं जवान ,
आतंकी हमलों में।
उन्हें कौन बचायेगा ?
कोई मुझे ये बतलाये,
और कितना समय बीत जायेगा ?
***
-'कान्त'
.
कब आएँगे अच्छे दिन ?
कब आम आदमी दाल-रोटी खायेगा ?
कोई मुझे ये बतलाये ,
और कितना समय बीत जायेगा ?
2014 में लोगों को अच्छे सपने
दिखलाये थे।
हमको गद्दी दे दो भैया कहकर
वोट मॉँगने आये थे।
दो साल में उलझ गया सब कुछ,
उसे कौन सुलझाएगा ?
कोई मुझे ये बतलाये ,
और कितना समय बीत जायेगा ?
टमाटर भाग गए कीचन से,
दाल भी अब कहाँ पकती है ?
पानी से उबले पतीली,
अब भूख भी कहाँ लगती है ?
दाम बढ़ गए जीने के,
उसे कौन घटाएगा ?
कोई मुझे ये बतलाये ,
और कितना समय बीत जायेगा ?
सोचा था अब आया है ,
छपन्न की छातीवाला।
अपनी माँ का सपूत,
भारत माँ का रखवाला।
रोज़ मर रहे हैं जवान ,
आतंकी हमलों में।
उन्हें कौन बचायेगा ?
कोई मुझे ये बतलाये,
और कितना समय बीत जायेगा ?
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-'कान्त'
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