Wednesday, 22 June 2016

अच्छे  दिन ..... !

कब  आएँगे  अच्छे दिन ?
कब  आम  आदमी  दाल-रोटी  खायेगा ?
कोई  मुझे  ये  बतलाये ,
और  कितना समय बीत जायेगा ?

2014  में लोगों को  अच्छे सपने 
दिखलाये  थे। 
हमको  गद्दी  दे दो  भैया  कहकर 
वोट  मॉँगने  आये  थे। 

दो  साल  में उलझ  गया  सब कुछ,
उसे  कौन  सुलझाएगा ?
कोई  मुझे  ये बतलाये ,
और कितना समय बीत  जायेगा ?

टमाटर  भाग गए  कीचन  से,
दाल  भी  अब कहाँ  पकती  है  ?
पानी   से  उबले  पतीली,
अब  भूख  भी कहाँ  लगती  है  ?

दाम  बढ़  गए  जीने  के,
उसे  कौन  घटाएगा ?
कोई  मुझे  ये बतलाये ,
और  कितना  समय  बीत  जायेगा  ?

सोचा  था  अब  आया  है ,
छपन्न  की  छातीवाला। 
अपनी  माँ  का  सपूत,
भारत  माँ  का  रखवाला। 

रोज़   मर  रहे  हैं  जवान ,
आतंकी  हमलों  में। 
उन्हें  कौन  बचायेगा  ?
कोई  मुझे  ये बतलाये,
और  कितना  समय  बीत  जायेगा ?
                  ***
-'कान्त'










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