Tuesday, 14 August 2018

कर  गर्जना !

ए   जवान    हिन्द   के  तू   कर  गर्जना,
उठा   हाथ   में    शस्त्र , तू  कर  गर्जना।  

तेरी  हिम्मत,तेरी  जुर्रत,देखी  है सबने ,
नेस्तो नाबूद  हो दुश्मन, तू  कर गर्जना। 

तेरे  दिल में  शोले  भड़क रहे हैं,वीरता के,
इन  शोलों  को बना  बारूद,कर  गर्जना। 

तेरा  मज़हब  देश  है,  तेरी  इबादत  माँ,
वंदे  मातरम   गान कर ,तू  कर  गर्जना। 

तेरी  कुदरत, तेरी  सनअत  को  सलाम,
'कान्त ' को  कर कुर्बान ,तू  कर गर्जना। 
                           ***
-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '
'सत्यमविला ',प्लॉट नं। 155 /2 ,
संस्कारनगर,भुज-कच्छ. 
मो। 99090  71588  

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